Friday, August 21, 2009

दिल्ली शिक्षा

दिल्ली के प्रति पूरे देश की निगाहें लगी रहती हैं। आम और खास भारतीय जन भले ही वह कहीं रह रहा हो दिल्ली उसके सपनों का नगर हमेशा से रहा है। गाँव और कस्वों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग दिल्ली आते हैं। कुछ को दिल्ली स्वीकार लेती है और वे यहीं के होकर रह जाते हैं और कुछ को दिल्ली नहीं भाती है और वे वापस अपने गाँव-कस्वों के लिए लौट जाते हैं। दिल्ली सरकार हर तरह से ध्यान रखती है कि यहाँ आने वालों को अच्छा नागरिक बनाया जा सके। उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा दी जा सके। इसलिए बच्चों के प्रवेश के लिए तमाम तरह की सुविधाएँ दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने अपने विद्यालयों में दिए जाने की व्यवस्था कर रखी है। बच्चों के प्रवेश के लिए दिल्ली सरकार ने एक खुली परीक्षा की व्यवस्था की है जिसमें किसी भी प्रदेश से आए हुए छात्र बैठ सकते हैं। उसी के आधार पर उत्तीर्ण छात्रों को प्रवेश दिया जाता है। छात्रों को तमाम तरह की सुविधाएँ विभाग द्वारा समय-समय पर दी जाती हैं। यहाँ के विद्यालयों में संघ लोक सेवा आयोग से प्राचार्य चयनित होकर आते हैं जो शिक्षा के क्षेत्र में अपनी तरह का एक अप्रतिम उदाहरण है। समय-समय पर शिक्षकों और प्राचार्यों के लिए सेमिनार आयोजित किए जाते हैं। जिनमें शिक्षक और प्राचार्य अपने शैक्षिक एवं प्रशासनिक ज्ञान को अद्यतित करते रहते हैं। शिक्षा निदेशक भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी होते हैं।